दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। योग का जीवन में विशेष महत्व है। इससे मानसिक और शारीरिक सेहत पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। योग के कई आसन हैं। इनमें एक पश्चिमोत्तानासन है। इस योग के कई फायदे हैं। खासकर मधुमेह के मरीजों के लिए यह दवा है। इस योग को करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। जबकि रीढ़ की हड्डी और पेट पर विशेष दवाब पड़ता है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। इससे संपूर्ण शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। जबकि तनाव से मुक्ति मिलती है। मधुमेह के मरीजों के लिए तनाव एक अभिशाप जैसा होता है। आइए जानते हैं कि पश्चिमोत्तानासन कैसे करें और इसके फायदे क्या हैं-

पश्चिमोत्तानासन क्या है

पश्चिमोत्तानासन दो शब्दों पश्चिम और उत्तानासन से मिलकर बना है। इसमें पश्चिम को पीठ को बताया गया है। जबकि उत्तानासन का तात्पर्य अपने शरीर के पीछे वाले हिस्से को आगे की ओर खींचना है। आसान शब्दों में कहें तो समतल भूमि पर बैठकर अपने शरीर के पीछे वाले हिस्सों को आगे करना पश्चिमोत्तानासन है।

पश्चिमोत्तानासन कैसे करें

इसके लिए समतल भूमि पर चटाई बिछा लें। अब चटाई पर दंडासन मुद्रा में बैठ जाएं। इस मुद्रा में पैर आगे की ओर रहता है। जबकि शरीर और रीढ़ की हड्डी एक सीध में रहती है और हाथ ज़मीन पर रहता है। इसके बाद अपने शरीर के पिछले हिस्से को आगे की तरफ खींचे और पैरों पर टिकाने की कोशिश करें। हालांकि, यह एक कठिन योग है, लेकिन अभ्यास कर इसे आसानी से किया जा सकता है। एक चीज़ का ध्यान रखें कि जबरन करने की कोशिश न करें।

पश्चिमोत्तानासन  के फायदे

-मधुमेह के मरीजों के लिए यह फायदेमंद होता है। इससे तनाव और अवसाद में राहत मिलता है।

-संपूर्ण शरीर में खिंचाव पैदा होता है, जिससे रक्त संचार का प्रवाह सही से होता है।

-रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।

-पेट की चर्बी भी खत्म होती है।

-बच्चे की हाइट बढ़ाने के लिए यह कारगर योग है।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।