केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को गुजरात में छोटे चाय कारोबारियों की जेब से ‘धन निकालने’ और राज्य से चुनाव लड़ने का साहस दिखाने की चुनौती दी. उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात और यहां के लोगों के प्रति कांग्रेस का नफरत भरा और पक्षपाती रवैया नया नहीं है, क्योंकि राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की याद में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माण के प्रस्ताव का भी विरोध किया था.

ईरानी ने, पूर्व कांग्रेस प्रमुख द्वारा असम में एक चुनावी रैली में कथित तौर पर की गई टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य में उनकी पार्टी सत्ता में आने पर गुजरात के चाय मालिकों से चाय बागानों के श्रमिकों की दिहाड़ी बढ़ाने के लिए कहेगी.

ईरानी ने नवसारी जिले के वांसदा शहर में स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव के लिए जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी ने हाल ही में असम में एक रैली में कहा था कि वह गुजरात के छोटे चाय कारोबारियों की जेब से रकम निकलवाएंगे. इससे पहले उन्हें (कांग्रेस) चाय विक्रेता (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) से परेशानी थी और अब उन्हें चाय पीने वालों से दिक्कत है.”

कपड़ा एवं महिला और बाल विकास मंत्री ने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी को चुनौती देती हूं कि अगर उनमें साहस है तो वह गुजरात से चुनाव लड़ें. उनकी सारी गलतफहमी दूर हो जाएगी.” राहुल गांधी ने कहा था कि अगर कांग्रेस असम में सत्ता में आएगी तो वह चाय बागानों के श्रमिकों की दिहाड़ी मजदूरी में वृद्धि करेगी.