बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर गहराया रहस्य अभी तक बरकरार है। 14 जून को हुई सुशांत की मौत के बाद से उनके परिजन, फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग लगातार उनकी मौत के पीछे की सच्चाई जानने के लिए आवाज उठा रहे हैं। सुशांत की मौत के बाद जहां सोशल मीडिया पर उनके परिजनों को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ लोग सुशांत की फैमिली पर झूठ फैलाने का भी आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में कुछ लोगों ने सुशांत की बहन मीतू सिंह को लेकर भी सवाल उठाए थे। सुशांत की मौत के बाद उनके घर पहुंचने वाले लोगों में मीतू सिंह भी थीं। अब सुशांत सिंह राजपूत की भांजी मल्लिका सिंह ने मीतू सिंह के ऊपर सवाल उठाने वाले लोगों को सामने आकर जवाब दिया है।

इंस्टाग्राम पर लिखा मल्लिका ने मैसेज

सुशांत सिंह राजपूत की भांजी मल्लिका सिंह ने इंस्टाग्राम पर चार बिंदुओं में एक मैसेज लिखते हुए कहा कि जो लोग उनके परिवार को लेकर नेगेटिव कैंपेन चला रहे हैं, वो इसे रोक दें क्योंकि उनका परिवार अब केवल उसी भावनात्मक मजबूती के साथ लड़ रहा है, जो सुशांत की मौत के बाद उनके पास बची है। मल्लिका ने ‘divinemitz’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर सुशांत को लेकर लिखी गई पोस्ट के जवाब में ये मैसेज लिखा है। इस हैंडल को सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति भी फॉलो करती हैं।

1:- उस सदमे को सबसे ज्यादा महसूस मेरी मासी ने किया मल्लिका ने अपने मैसेज में लिखा, ‘मैं यहां अपनी मासी के बारे में फैलाई जा रही कुछ गलत बातों को स्पष्ट करना चाहती हूं। 1:- अगर आप साइकोलॉजी के बारे में पढ़ेंगे (मैं यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रही हूं) तो आपको एक शब्द पता चलेगा, जिसे किसी सदमे में ‘भावनात्मक सुन्नता’ कहा जाता है। इसमें आप किसी बड़े सदमे या आघात के बाद कुछ वक्त के लिए भावनाओं को महसूस करना ही बंद कर देते हैं। मासी ने भी अब इस बात पर यकीन करना बंद कर दिया है कि वो सब हुआ था। हमारे परिवार में उस बुरी खबर को सुनने वाली सबसे पहली सदस्य वही थीं, वही थीं जिन्होंने उस सदमे को सबसे ज्यादा महसूस किया।’

2:- मेरी मासी संदीप सिंह को नहीं जानती ‘हमारे परिवार को नहीं पता कि संदीप सिंह कौन है। मीतू मासी ने वहां पहुंचकर जब बॉडी देखी तो वो एकदम बेसुध हो गई, इसलिए किसी ना किसी को उन्हें संभालना था, वहां पर भी वही हुआ। मैं फिर से कह रही हूं कि वो संदीप सिंह को नहीं जानती। मेरी मासी पर उंगली उठाना, मेरे नाना-नानी के संस्कारों पर उंगली उठाना है। सभी भाई-बहनों के बीच एक गहरा बंधन था। वो सब एक-दूसरे से प्यार करते थे और मैंने खुद उन लोगों के इस प्यार को देखा है। मेरी नानी के जाने के बाद मेरे मामू की बड़ी बहनों ने उन्हें खूब लाड़-प्यार दिया और मेरी मीतू मासी उस दौरान भी सबसे मजबूत बनी रहीं। इसलिए, जो लोग हमारे परिवार के खिलाफ नेगेटिव कैंपेन चला रहे हैं, वो प्लीज इसे बंद करें।’