जनता कांग्रेस द्वारा प्रदेश सरकार को रोजगार के मुद्दे पर घेरने शुरू किया गया अभियान अब रोक दिया गया है। पार्टी ने दावा किया है कि इस मुद्दे पर अब सरकार से सवाल विधानसभा में पूछा जाएगा। पार्टी के प्रवक्ता भगवानू नायक ने बताया किसंगठन इस पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। रायपुर के सिविल लाइंस स्थित बंगले में अमित जोगी ने 23 अगस्त से उपवास अभियान शुरू किया था। भूख हड़ताल के जरिए वो सरकार से बेरोजगारों को रोजगार, रुकी हुई भर्ती, नियमितिकरण जैसे मुद्दों पर सवाल उठा रहे थे।

23 अगस्त को सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए केक भेजा। दरअसल इसी दिन सीएम का जन्मदिन था। इस केक को सीएम आवास की तरफ से लौटा दिया गया। इस पर सोशल मीडियो में अमित ने लिखा है कि केक भेजना शुभकामना देने का तरीका होता है। लेकिन केक लौटाना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तरीका है। इस मामले को तूल ना देने की अपील भी उन्होंने की।

अमित जोगी ने छोड़ी पेंशन
पार्टी के युवा नेता प्रदीप साहू ने बताया कि युवाओं के रोजगार की परेशानी राज्य में गहराती जा रही है। ऐसे में अमित जोगी ने कहा कि जब तक हमारे बेरोज़गार नौजवानों को राज्य सरकार नौकरी नहीं देती, अनियमित कर्मचारी साथियों का नियमितिरण नहीं करती, तब तक मेरे लिए विधायक पेंशन लेना नैतिक रूप से सही नहीं होगा। इसलिए मैं यह घोषणा करता हूँ कि अपने बेरोज़गार और कर्मचारी साथियों को न्याय मिलने तक मैं पेंशन नहीं लूंगा।