कोरोना वैक्सीन पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन के खिलाफ कोवैक्सीन के कहीं अधिक कारगर रहने की संभावना है।साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्षी दलों से वैक्सीन को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाने को भी कहा। पहले देसी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के साथ-साथ ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन कोवीशील्ड को भारत में सीमित उपयोग की मंजूरी पर कांग्रेस पार्टी के एक धड़े की तरफ से सवाल तो उठाए ही गए हैं, कुछ विशेषज्ञ भी मंजूरी की प्रक्रिया को अपारदर्शी बताते हुए दोनों टीकों के क्लीनिकल ट्रायल के डेटा सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि भारत बायोटेक और एस्ट्राजेनेका को क्रमशः कोवैक्सीन और कोवीशील्ड के क्लिनिकल ट्रायल में प्राप्त डेटा को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि उनका स्वतंत्र आकलन किया जा सके। इससे किसी भी खतरे की आशंका को लेकर दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री आगे यह भी कहा की इस तरह के अहम मुद्दे को राजनीतिक रंग देना किसी के लिए भी असम्मानजनक है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जयराम रमेश और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को टैग कर एक ट्वीट में हर्षवर्धन ने कहा, …कोविड-19 टीकों को मंजूरी देने के लिए बखूबी निर्धारित किये गये विज्ञान समर्थित प्रोटोकॉल की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाइए। जाग जाइए और यह महसूस करिए कि आप सिर्फ खुद का अपमान कर रहे हैं।

आपको बता दे की आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने भी दोहराया़ कि कोवैक्सीन में ब्रिटेन में पाए गए वायरस के नये प्रकार को भी निशाने बनाने की क्षमता है, जो इस टीके को मंजूरी दिये जाने का एक प्रमुख आधार है। हालांकि, उन्होंने कहा कि टीके की प्रभाव क्षमता के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट डाटा उपलब्ध नहीं है।