देश में चल रहे किसानो आंदोलन के किसानो ने मंगलवार को भारत बंद आह्वान किया था , लेकिन उत्तर प्रदेश में भारत बंद का असर नहीं दिखाई दिया। मंगलवार की सुबह में कई जगहों पर प्रदर्शनकरियो ने ट्रैन रोकी तोह कई जगह रोड ब्लॉक किये , लेकिन बाजार और दुकानों में नहीं दिखा भारत बंद का असर , दुकाने पूरा दिन खुली रही और लोगो का आना जाना लगा रहा। योगी आदित्यनाथ के आर्डर पर प्रशासन हरकत में आगया और प्रशासन ने सकती बरतना शुरू करदिया , जिसके चलते विपक्षी पार्टियों के नेता घर से बाहर निकलने में असफल रहे और कुछ नेताओ को नज़रबंद करदिया गया और किसान भी सड़को पर उतर कर प्रदर्शन नहीं कर सके।

विपक्षी पार्टियों के बड़े से बड़े नेता और छोटे से छोटे निताओ को घर से निकलने की परमिशन नहीं दी और कुछ नेताओ को हिरासत में भी लेलिया गया था। इसके चलते सपा, कांग्रेस, बसपा सहित तमाम विपक्षी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर नहीं सके। भारत बंद सूबे में फीका रहने की यह एक बड़ी वजह बनी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्रशासन को निर्देश दिए थे की सख्ती बढ़ा दी जाए , ताकि आम लोगो को भारत बंद के चलते कोई असुविधा न हो। पुलिस प्रशासन को यह निर्देश भी दिए गए थे बाज़ारो में व्यापरियों को अपनी दुकाने खोलने के लिए सूचित करा जाये और उनको दुकाने खोलने में कोई अड़चन न आये ।

दिल्ली की सीमा से लगे सभी इलाको में विशेष सख्ती बरती जा रही है और ज़्यादा पुलिस फोर्सेज को वहां तैनात किया गया है।  सरकार ने एडीजी और आईजी रैंक के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त लगाएं और सीमा क्षेत्रों को जोड़ने वाले राजमार्गों पर भी निगरानी रखें। साथ ही सरकार ने पुलिस अधिकारियों से किसानों के साथ किसी भी प्रकार के हिंसा या टकराव से बचने के लिए निर्देश दिया था और साथ ही सभी जिला पुलिस प्रमुखों को स्थानीय किसान संगठनों के साथ बातचीत बनाए रखने के निर्देश दिए थे।