बिहार में पहले चरण के तहत बुधवार को विधानसभा की 71 सीटों पर वोटिंग हुई. विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान उत्साहजनक रह। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान मत प्रतिशत का रिकॉर्ड टूट सकता ह।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महामारी का असर मतदान के प्रतिशत पर नहीं दिखा. लोकसभा चुनाव में डाले गए मतों के जितना ही मत प्रतिशत जाता दिख रहा है. चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक, बिहार में 6 बजे तक 53.54 फीसदी मतदान हुआ. कई बूथों पर मतदान देर शाम तक चलता ही रहा।

सुनील अरोरा ने कहा की : मास्क, सैनिटाइजर, फेस शील्ड, तापमान मापक मशीन से लैस सभी मतदाताओं ने जरूरी प्रोटोकॉल सहित सामाजिक दूरी का पालन किया. इस बार मतदान के लिए समय एक घंटा बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि कुछ जगह सात बजे से तीन बजे तक था तो कहीं सुबह सात से चार और पांच बजे तक, लेकिन आमतौर पर शाम छह बजे तक समय तय था।

निर्वाचन आयोग के सेक्रेटरी जनरल उमेश सिन्हा ने बताया कि कई बूथों पर मतदान का समय सात बजे तक बढ़ाया गया है. निर्वाचन उप आयुक्त चंद्रभूषण ने बताया दो करोड़ 15 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने पहले चरण में अब तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है. 72 हजार से ज्यादा सर्विस वोटर और 83 हजार के लगभग पोस्टल बैलेट से मतदान हुआ है।

सुनील अरोड़ा ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 53.92 फीसदी और 2015 विधानसभा चुनाव में करीब 55 फीसदी मत पड़े थे. सीईसी सुनील अरोड़ा ने बिहार के मतदाताओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में लोकतंत्र के प्रति अपने सर्वोच्च कर्तव्य को निभाया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों ने भी काफी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाई।