कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की आशंका के मद्देनजर सावधान है और दोनों नेताओं को त्रिशंकु विधान सभा या करीबी चुनाव परिणामों के मामले में त्वरित निर्णय लेने के लिए पटना में तैनात किया जाएगा. जहां सुरजेवाला चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं, वहीं पांडे 7 नवंबर को संपन्न हुए बिहार विधान सभा चुनाव से पहले स्क्रीनिंग कमेटी के प्रमुख रहे हैं. हालांकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने एआईसीसी के दो नेताओं की मौजूदगी को रूटीन बताया है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई घटना के बाद सतर्क कांग्रेस ने 10 नवंबर को बिहार विधान सभा चुनाव का परिणाम आने से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए पार्टी के दो नेताओं रणदीप सिंह सुरजेवाला और अविनाश पांडे को राज्य में तैनात किया है, जो इस तरह के मामलों पर नजर रखेंगे और तुरंत फैसला लेंगे।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि मणिपुर और गोवा में विधान सभा चुनावों के बाद कांग्रेस ने जिस स्थिति का सामना किया था, उसे लेकर वह सावधान है, जहां वह सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद सरकार नहीं बना सकी थी. उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में हालिया घटनाओं, जिसमें कांग्रेस के विधायकों ने इस्तीफा दिया या पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बागी तेवर अपनाए, ने पार्टी को और सतर्क कर दिया है।

सूत्रों ने कहा कि हालांकि, एग्जिट पोल ने महागठबंधन की जीत की भविष्यवाणी की है, लेकिन कांग्रेस इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. शनिवार को कुछ एग्जिट पोल ने महागठबंधन के लिए प्रचंड जीत की भविष्यवाणी की, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं.

सीएनएन न्यूज 18-टुडे चाणक्य और इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल की भविष्यवाणियों के अनुसार, महागठबंधनस्पष्ट बहुमत के साथ आने के लिए तैयार है. सीएनएन न्यूज 18-टुडे चाणक्य ने भविष्यवाणी की है कि महागठबंधन के 243 सीटों में से 180 जीतने की संभावना है जबकि एनडीए को 55 सीटें मिल सकती हैं. इसने कहा कि अन्य को बिहार चुनाव में 4 से 12 सीटें मिल सकती हैं.

बिहार विधान सभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं।

कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की आशंका के मद्देनजर सावधान है और दोनों नेताओं को त्रिशंकु विधानसभा या करीबी चुनाव परिणामों के मामले में त्वरित निर्णय लेने के लिए पटना में तैनात किया जाएगा।