नये वर्ष के मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वायरस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.इसी के साथ ही भारत में कोरोना की पहली वैक्सीन कौन सी होगी, इस पर भी आज फैसला हो सकता है।

सरकार की ओर से बनाया गया एक्सपर्ट पैनल आज वैक्सीन का अप्रूवल मांगने वाली कंपनियों के एप्लीकेशन पर विचार करेगा। अब तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक और फाइजर ने इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए अप्लाई किया है।

आपको बता दें की सीरम इंस्टीट्यूट कोवीशील्ड नाम की वैक्सीन बना रहा है। जिसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने डेवलप किया है। सीरम इंस्टीट्यूट के अलावा स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन बनाने वाली भारत बायोटेक ने बुधवार को पैनल के सामने प्रजेंटेशन दिया था। वहीं, अमेरिकी कंपनी फाइजर ने भारत में DCGI से अपना डेटा पेश करने के लिए और वक्त मांगा है। लिहाजा, आज होने वाली बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

विश्व के कई देशों में अलग -अलग वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिली चुकी है।अमेरिका में फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन को इमरजेंसी यूज का अप्रूवल मिल चुका है तो वहीं
ब्रिटेन ने फाइजर और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को मंजूरी दी है और यहां वैक्सीनेशन चल रहा है। चीन ने भी हाल में स्वदेशी कंपनी सिनोफार्म की वैक्सीन को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है।
रूस में भी स्वदेशी वैक्सीन स्पूतनिक V के जरिए मास वैक्सीनेशन शुरू किया जा चुका है। कनाडाई सरकार ने फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन को मंजूरी दी है।

Aktuell, 23.07.2020; Symbolfoto, Symbolbild des Pharma und Impfstoffhersteller ‘Pfizer’ und ‘Biontech’ aus den USA.Die Unternehmen Pfizer und Biontech arbeiten eng zusammen und schlosssen einen Milliarden Deal mit der USA fuer Impfstoff Dosen gegen das Corona Virus. —- Symbolic Image of Pfizer and Biontech. Coporation for developing a vaccine to defend corona virus. US government orders millions of vaccine cans. || Nur für redaktionelle Verwendung