सरकार और किसानों के बीच कल बातचीत का छठा दौर था. कृषि कानूनों को लेकर जारी किसान आंदोलन के बीच सरकार और किसान यूनियनों के बीतचीत में कुछ सकारात्मक पहल देखने को मिले तो वहीं किसानों के कई प्रस्ताव में से दो प्रस्तावों पर मोदी सरकार ने अपनी सहमति जता दी है। सरकार ने कल बातचीत में बिजली बिल के मसले को सुलझा लिया गया है और अब पराली जलाना भी जुर्म नहीं होगा। करीब 5 घंटे चली बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि पर्यावरण अध्यादेश पर सहमति बन गई है और ऐसे में अब पराली जलाना जुर्म नहीं होगा और बिजली बिल का मसला भी सुलझ गया है।

सरकार ने बुधवार को बातचीत में एमएसपी खरीद प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन पर एक समिति गठित करने की पेशकश की और बिजली बिल पर प्रस्तावित कानूनों तथा पराली जलाने से संबंधित प्रावधानों को स्थगित रखने पर सहमति जताई, मगर किसान संगठनों के नेता वार्ता के दौरान भी तीनों नए कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की अपनी मुख्य मांग पर अड़े रहे। अब चार जनवरी को फिर से वार्ता की तिथी तय हुई हैं।

वही कृषि मंत्री ने वार्ता के बाद कहा कि बिजली संशोधन विधेयक, जो अभी अस्तित्व में नहीं आया है, उसको लेकर किसानों को आशंका है कि इससे उन्हें नुकसान होगा. इस मांग पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है. वहीं सरकार की तरफ से नरेन्द्र तोमर, रेलवे, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री सोमप्रकाश ने बैठक का नेतृत्व किया।