जिला न्यायालय ने मिर्जापुर निवासी दंपति समेत तीन लोगों के खिलाफ जेवर कोतवाली पुलिस को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने दो किसानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया।

गांव धनसिया निवासी किसान धनवीर ने अपनी पैतृक जमीन का सौदा गांव मिर्जापुर निवासी सुभाष चंद से 56 लाख 50 हजार रुपये में किया था। 22 सितंबर 2020 को बैनामा कराने के दौरान सुभाष चन्द ने धनवीर को इनकम टैक्स से बेचने का हवाला देकर 30 लाख रुपये नगद दे दिये, जबकि 26 लाख 50 हजार की धनराशि को बैंक में देने का हवाला देकर धोखाधड़ी से बैनामा करा लिया था। पीड़ित किसान ने शेष राशि मांगी तो सुभाष चंद्र ने जान से मारने की धमकी दी थी।

एक अन्य मामले में सुभाष चन्द ने अपनी पत्नी रेनू व वर्षा सिंह के साथ मिलकर गांव धनिसया निवासी किसान ओमप्रकाश से उनकी जमीन का सौदा 48 लाख 15 हजार रूपये में किया था। 23 दिसम्बर 2019 को बैनामा करने के दौरान किसान के पुत्र ताराचन्द व साले को अपने जाल में फंसाकर स्टांप व इनकम टैक्स से बचने का हवाला देकर 24 लाख रुपये देकर बैनामा करा लिया। न्यायालय के आदेश पर सुभाष, उसकी पत्नी रेनू व रिश्तेदार वर्षा सिंह के खिलाफ जेवर कोतवाली को धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया। जेवर कोतवाली पुलिस का कहना है कि आदेश की कॉपी मिलने पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी।