नई दिल्ली: मई में हुई एक रिसर्च में यह पाया गया कोरोना (Corona) से रिकवर होने के बाद शरीर में एंटीबॉडी (Antibody) से चार महीने जबकि कुछ लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बन ही नहीं पाती. दोबारा कोरोना हो सकता है या नहीं, इस पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. उनका मानना है कि अगर आपके शरीर की इम्युनिटी (Immunity) वैसे ही बेहतर है तो कम से कम एक साल तक दोबारा कोरोना होने का खतरा नहीं होता है. सबसे ज्यादा राय यह है कि कोरोना के बाद तीन महीने तक एंटीबॉडी मौजूद रहती हैं. हालांकि, हांगकांग में एक मरीज को दोबारा कोरोना होने की खबर सामने आई है. तो वहीं तेलंगाना में भी दो मरीजों में दूसरी बार कोरोना की खबर सामने आई है.

मुंबई में हुई एक रिसर्च सबके सामने आई है. उससे लगता है कि कोरोना दोबारा अपनी चपेट में ले सकता है. मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एंटीबॉडी से संबंधित रिसर्च हुई थी. इसमें अस्पताल के कुछ कर्मचारियों को भी शामिल किया थाजो कोरोना वायरस से ठीक हो चुके थे. इस रिसर्च में कुछ लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट किया गया, लेकिन उनमें से किसी में भी एंटीबॉडी नजर नहीं आई. कुछ लोगों में एंटीबॉडी मौजूद थी लेकिन उनकी संख्या बेहद कम थी.

मैक्स अस्पताल के मेडिसन विशेषज्ञ डॉक्टर रोमिल टिकू के मुताबिक, कोरोना होने के बाद आमतौर पर एंटीबॉडी 2-3 महीने तक मौजूद रहती है. इस दौरान फिर से कोरोना होने का खतरा ना के बराबर होता है. आमतौर पर फ्लू में एक बार बुखार होने के बाद सालभर तक इम्यूनिटी रहती है लेकिन कोरोना के मामले में यह अभी रिसर्च का ही विषय है. इसीलिए हर किसी को मास्क लगाना अनिवार्य है. सोशल डिस्टेंसिंग और बार-बार हाथ धोने की आदत कोरोना से ठीक हुए मरीजों को हमेशा अपनानी ही चाहिए