सरकार की ओर से लिखित प्रस्ताव अभी तक आया नहीं है , लेकिन किसानो के नेता हनन मुल्ला ने प्रस्ताव आने से पहले ने कहा की अगर सरकार कुछ संशोधन दे रही है तो हमारी स्थिति साफ है, अगर कानून वापस लेने की बात होगी तभी किसान आंदोलन हटेगा। यदि लिखित प्रस्ताव में कुछ पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तोह हम सरकार के साथ अगली बैठक का इंतज़ार करेंगे। उन्होंने ये भी कहा की सरकार द्वारा आने वाला संशोसधन पर लिखित प्रस्ताव के बारे में हम अपने किसान साथियो से बातचीत करेंगे।

बीते दिन भारत बंद खत्म होने के बाद करीब 12 -13 किसान नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने गए थे। बैठक में सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि कृषि कानून वापस नहीं करा जायेगा , हालांकि किसानों की मांग पर कुछ संशोधन हो सकते हैं। दूसरी तरफ किसान कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने भी बुधवार को बयान दिया कि आज सरकार की ओर से प्रस्ताव जाएगा, उम्मीद है कि देश के हित में इस मसले का हल जल्द निकलेगा।

किसान आंदोलन के चलते विपक्ष पार्टी राजनैतिक रणनीति अपना रही है। खबर ये सामने आरही है की , दिल्ली में बुधवार को एनसीपी नेता शरद पवार और अकाली दल के सुखबीर बादल ने कल किसानो को लेकर मीटिंग करि थी। इससे पहले अकाली दल नेता प्रेम चंदूमाजरा शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे। चंदूमाजरा ने कहा है कि शरद पवार भी चाहते हैं कि मुद्दे का समाधान बिना किसी हिंसा के सिर्फ बातचीत करके निकला जाये।