देश के किसान पिछले 10 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं , दिल्ली के बॉर्डर पर किसानो ने अपना डेरा दाल रखा है। शनिवार में हुई 5वे दौरे की बातचीत में किसान और सरकार ने मिलकर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला है। किसान आंदोलन को रोकने के लिए सरकार ने ये 5वी बैठक बुलाई थी और इस दौरे की बैठक में भी कोई समाधान न निकलने के कारण 9 दिसंबर को दोनों पक्ष फिरसे बातचीत करेंगे।

किसानो और सरकार की बातचीत से पहले ही सरकारी बैठकों का सिलसिला शुरू होगया था, सुबह ग्रह मंत्री अमित शाह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने आये थे , किसान संगठन के साथ 5वे दौरे की बैठक से पहले भी एक और बैठक हुई जिसमे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर शामिल थे , और केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल भी शामिल थे। इस बैठक के बाद भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बीच एक बैठक हुई।

2 बजे करीब किसानो और सरकार के बीच 5वे दौरे की बातचीत हुई , इस बैठक में सरकार की ओर से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल थे और किसानो की ओर से उनके 40 प्रतिनिधि मौजूद थे। किसानो ने बातचीत शुरू होने से पहले ही तेवर दिखने शुरू करदिये थे , किसानो ने बातचीत में बोला की सरकार बार बार सिर्फ तारीख दे रही है कोई समाधान नहीं निकल रही , सभी संगठनो ने मिलकर ये फैसला लिया की यह आखिरी बैठक है। किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा कि आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी, बैठक में कोई और बात नहीं होगी, कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी।

बीती कुछ बैठकों की तरह ही इस बैठक में भी कोई समाधान नहीं निकला , एक तरफ सरकार अपने फैसलों पर अड़ी रही वही दूसरी तरफ किसान अपनी मांगे पूरी कराने पर अड़े रहे , और ईसिस के चलते इस बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकला , 9 दिसंबर को फिरसे होगी सरकार और किसानो की बातचीत।