भुवनेश्वर, 14 अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने और शहरी क्षेत्रों में आवासीय योजनाओं को किफायती बनाने के लिये विकास प्राधिकरणों के नियमों में एकरूपता लाने के साथ इस क्षेत्र में बड़े सुधारों की शुरुआत की है। ओडिशा के शहरी विकास मंत्री प्रताप जेना ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार पहले ही ओडिशा विकास प्राधिकरण (नियोजन एवं भवन मानक) नियम 2020 को अधिसूचित कर चुकी है, जिसका उद्देश्य मानदंडों और प्रक्रिया में एकरूपता लाना है। उन्होंने कहा कि नये नियम विभिन्न विकास प्राधिकरणों द्वारा अधिसूचित कई विनियमों के प्रावधानों को भी दूर करेंगे। यह पूरे राज्य में भवन निर्माण योजना की मंजूरी के लिये एक आम ऑनलाइन मंच लाने में मदद करेगा। जेना ने कहा कि नये नियम सक्रिय और प्रगतिशील दोनों हैं। उन्होंने कहा कहा कि ये नियम शहरी क्षेत्र के कई मुद्दों को दूर करेंगे। मंत्री ने कहा कि इनमें कई छूट और प्रोत्साहन हैं, जो न केवल छोटे निजी भवनों के लिये योजना, निर्माण और कब्जा करना आसान बना देंगे, बल्कि आवास इकाइयों को और अधिक किफायती बनाने के लिये बड़े पैमाने पर ऊंची भवन परियोजनाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने कहा, “इमारतों की लगभग सभी श्रेणियों के लिये में ढील दी गयी है। कम जोखिम वाली इमारतों पर अधिकतम एफएआर (फर्श क्षेत्र अनुपात) की पाबंदी को हटा दिया गया है। कम जोखिम वाली इमारतों के लिये 108 पूर्व-अनुमोदित डिजाइन उपलब्ध कराये गये हैं, जो न केवल आर्किटेक्ट, तकनीकी व्यक्तियों और योजना प्राधिकरणों पर लोगों की निर्भरता को कम करेगा बल्कि योजनाएं भी लगभग तुरंत स्वीकृत हो जायेंगी।’’ मंत्री ने कहा कि अब मकानों का निर्माण और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त करना पहले की तुलना में बहुत आसान हो जायेगा। उन्होंने कहा कि आवासीय भवनों में भी व्यावसायिक उपयोग के विकास के लिये प्रावधान किये गये हैं। नये नियमों से किफायती आवास क्षेत्र में कई सुधारों और छूटों के माध्यम से महत्वपूर्ण सुधार होगा। उन्होंने कहा कि आवास क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिये सेटबैक, एप्रोच रोड, पार्किंग और कई अन्य भवन मानदंडों में ढील दी गयी है।