ओडिशा के मयूरभंज से मानवीय संवेदना को तार-तार करनेवाली खबर सामने आई है.

आरोप है कि एंबुलेंस कर्मी बीमार बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के बजाए भोजन करने लगे.

भोजन करने में देरी से बच्चे को समय पर इलाज नहीं मिल सका और रास्ते में मौत हो गई.

भुवनेश्वर/बारीपदा: ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले से मानवता को शर्मसार करनेवाली खबर आई है. आरोप है कि एंबुलेंस कर्मियों की लापरवाही से गंभीर रूप से बीमार बच्चे की मौत हो गई. दरअसल बच्चे को कटक अस्पताल ले जाते हुए एम्बुलेंस कर्मी रास्ते में वाहन रोक कर भोजन करने लगे. जिसके चलते समय पर उसे इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई.

एंबुलेंस कर्मियों की संवेदनहीनता बनी मौत की वजह

मामला सामने आने के बाद सरकार ने मंगलवार को एक आपात चिकित्सा तकनीशियन को नौकरी से निकाल दिया है. एक अधिकारी ने बताया कि दर्दनाक घटना सोमवार की है. डायरिया के कारण रविवार को बारीपदा के पीआरएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक साल के बच्चे की तबियत ज्यादा बिगड़ गई. बेहतर इलाज के लिए उसे कटक, शिशु भवन ले जाया जा रहा था. बच्चे की मां गीता बेहरा ने बताया कि 108 नंबर पर कॉल कर एम्बुलेंस को बुलाया गया. एंबुलेंस के बच्चे को लेकर निकलने के साथ ही अभिभावक भी बारीपदा से निकल गए. लेकिन एम्बुलेंस के चालक, फार्मासिस्ट और अटेंडेंट ने रास्ते में रुक कर दोपहर का खाना खाने का फैसला किया.

 

उन्होंने कहा कि सभी एंबुलेंस कर्मी बारीपदा से करीब छह किलोमीटर दूर NH 18 पर वाहन रोककर एक ढाबे पर भोजन करने लगे. हालांकि उन्होंने जल्दी खाना खा लेने का आश्वासन दिया था मगर 90 मिनट लग गए. इस दौरान अस्पताल तक पहुंचने में देरी होने से बच्चे को समय पर मदद नहीं मिली और उसकी मौत हो गई. उन्होंने दावा किया कि बच्चा जब अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा था तो उसे स्लाइन तक नहीं लगाया गया. हालांकि बच्चे की स्थिति के बारे में उन्हें सब कुछ मालूम था. इसके बावजूद उन्होंने किसी बात पर ध्यान नहीं दिया.

 

पुलिस ने एंबुलेंस जब्त कर शुरू की जांच

 

एम्बुलेंस ने कटक के लिए वापस अपनी यात्रा शुरू की लेकिन बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए कर्मी उसे बारीपदा से करीब 15 किलोमीटर दूर कृष्णचन्द्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बच्चे की मां ने बेतनोती थाने में एम्बुलेंस के चालक, फार्मासिस्ट और अटेंडेंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. हालांकि एम्बुलेंस चालक बिभिषण मोहंती ने भी स्थानीय लोगों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है. बेतनोती थाना प्रभारी अकोश नायक ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद एम्बुलेंस जब्त कर जांच शुरू कर दी है.