गांव में लॉकडाउन से पढ़ाई-लिखाई ठप हुई तो 14 साल की नंदिनी ने शुरू कर दी अपनी पाठशाला

  • गोंड आदिवासी बहुल इस छोटे से गांव में शिक्षा व्यवस्था के नाम पर सिर्फ एक प्राइमरी स्कूल है, लॉकडाउन के बाद से वह भी बंद है
  • नंदिनी खुद दूसरे गांव में मौजूद मिडिल स्कूल में कक्षा-8 की छात्रा है और अपने गांव के 25 बच्चों को समूह बनाकर बारी-बारी से उनकी कक्षा लगा रही है