ऑल्ट बालाजी नए और प्रतिभाशाली चेहरों को हमेशा मंच देता रहा है। पॉलमी दास भी ऐसी ही प्रतिभाओं में से एक खास चेहरा हैं। उन्हें इंडिया नेक्स्ट टॉप मॉडल के दूसरे संस्करण से पहचान मिली है।
अभिनेत्री ने अपने करियर की शुरूआत टीवी शो ‘सुहानी सी एक लड़की’ से की थी, बाद में वह ‘कार्तिक पूर्णिमा’ नामक शो में भी आई थीं। उन्होंने ओटीटी की दुनिया में पहला कदम ‘दिल ही तो है’ से रखा था और उस वक्त से वह ओटीटी की दुनिया में लोकप्रिय चेहरा बनी हुई हैं।

पौरुषपुर में काला का किरदार निभाने से लेकर बेकाबू 2 में वह एक लेखिका के रूप में नजर आ रही हैं। अब तक पॉलमी के एक्टिंग करियर अच्छा रहा है।
पौरुषपुर में काला का किरदार निभा रही पॉलमी रानी की नौकरानी की भूमिका में है, जिसे रानी के ही बेटे से प्यार हो जाता है। वहीं बेकाबू 2 में वह एक मजबूत, आत्मनिर्भर और आधुनिक महिला के किरदार में हैं, जो कि अपने काम को लेकर बहुत जुनून रखती हैं और लगातार बस लिखती ही रहती हैं। ये दोनों ही किरदार हर लिहाज से फिर चाहे वह लुक की बात हो या इनकी कहानी हो या फिर इनके इमोशन, एक दूसरे से बिल्कुल ही जुदा हैं। पॉलमी मगर दोनों ही किरदारों को बेहद सहजता से निभाती हैं।

इस बारे में पॉलमी दास ने कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि मुझे ये दोनों ही किरदार निभाने के मौके मिले। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि ऑल्ट बालाजी को मेरी काबिलियत पर इतना भरोसा है। मैं इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि मेरे आने वाले शो बेकाबू और मेरे किरदार बेदिता को दर्शक किस तरह से पसंद करते हैं, क्योंकि उन्होंने पौरुषपुर में एकदम अलग अवतार में देखा है।”
ऑल्ट बालाजी के बेकाबू 2 में वे सारी बातें हैं, जो एक साइको थ्रिलर शो में होना चाहिए, इसकी कहानी शानदार है और दर्शकों को इसमें कई सारे ट्विस्ट और टर्न्‍स देखने को मिलेंगे।

बेकाबू 2 की कहानी अनायशा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कि अपनी किताब के लांच होते ही बहुत प्रसिद्ध हो जाती है। लेकिन उसकी यह लोकप्रियता, उसके लिए ज्यादा दिनों के लिए अच्छी नहीं रह पाती है, क्योंकि उसके आने वाले कल में कुछ भयावह होने वाला है, कुछ ऐसा जिसे उसने कभी नहीं देखा या महसूस किया है। उसका एक पुराना बॉय फ्रेंड है, जो उससे बदला लेना चाहता है और हर हाल में उसे नीचे गिराना चाहता है, इसके बावजूद कि यह खुद ही बेहद तेज है।
इस शो के मुख्य कलाकारों में सुभा राजपूत, ताहिर शब्बीर, प्रिय बनर्जी, पॉलमी दास, ताहा शाह, स्मरण साहू और तृष्णा मुखर्जी शामिल हैं।